वेबसाईट का निर्माण, प्रबंधन व विकास; भाग-13 (ब्लोक एडिटर, महत्त्वपूर्ण टिप्स)

ब्लोक एडिटर

वर्डप्रेस वेबसाईट में अब नया ब्लोक एडिटर आ गया है। इसके द्वारा हम अलग-२ पैराग्राफ को अलग-२ रूप में एडिट कर सकते हैं। हरेक पैराग्राफ का एक अलग ब्लोक बनता है। कविता के लिए वर्स ब्लोक का प्रयोग होता है। क्वोट के लिए, रिफरेन्स सोर्स का पता डालने के लिए व अन्य हलकी फुल्की या विशेष जानकारी प्रदान करने के लिए क्वोट ब्लॉग का प्रयोग करते हैं। यह पोस्ट की खूबसूरती को भी बढ़ाता है। यदि हमने मुफ्त में डाऊनलोड के लिए कोई पुस्तक या फाईल उपलब्ध करवानी है, तो उसे फाईल ब्लोक में रखते हैं। ऐसी कितनी फाईलें डाऊनलोड हुईं, ये भी वैबसाईट के स्टेट बटन में शो हो जाएगा। किसी चित्र या वीडियो को दिखाने के लिए मीडिया ब्लोक का प्रयोग करते हैं।

वेबसाईट से सम्बंधित कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ

रीडर के लाईक, टैग आदि बटन अकाऊंट होल्डर के नाम से स्टोर होते हैं, वेबसाईट के नाम से नहीं। इसलिए अलग-२ अकाऊंट से वेबसाईट को खोलने से वे अलग-२ दिखेंगे। ऐसा वहां होता है, जहां पर एक वेबसाईट के बहुत से मैम्बर होते हैं, जैसे एडमिन, मोडरेटर, राईटर आदि।

शुरू में या एक साल के लिए वेबसाईट होस्टिंग व डोमेन के लिए इकट्ठा व कम पेमेंट लेती है। अर्थात डोमेन नेम निःशुल्क दिया जाता है। डोमेन नेम देने वाली भी बहुत सी कम्पनियां हैं। कुछ तो निःशुल्क सेवा भी देती हैं।

पॉप अप फोलो बटन को बनाने के लिए मेलचिम्प पर साईन अप करना पड़ता है। फ्री प्लान पर केवल एक ही आडियेंस बना सकते हैं। आडियंस का मतलब यहाँ पर वेबसाईट पर विजिट करने वाला व्यक्ति है। आडियेंस बनाने पर मीनू बार से पॉप अप सब्सक्राईब बटन को क्लिक करते हैं। निर्देशानुसार करने पर एक कोड जेनेरेट होता है। उसे वैबसाईट के मेलचिम्प विजेट में कोपी पेस्ट करना पड़ता है। फिर फाईनल पब्लिश बटन दबा दो। हो गया।

हेडर इमेज वह होती है, जो हरेक पेज व पोस्ट पर छपती है। इसे कस्टमाईजर से सेट करते हैं। फीचर्ड इमेज वह होती है, जो सिर्फ एक पेज या पोस्ट के लिए होती है। इसे एडिट बटन से सेट करते हैं।

थीम बदलने से जरूरी नहीं कि नई थीम पर पुरानी सारी सेटिंग व स्टाईल आ जाए। कई बार तो बहुत मेहनत करनी पड़ती है दुबारा से। यदि कोई थीम गलत लगे, तो पुरानी थीम पर भी जा सकते हैं। वही पुरानी सेटिंग फिर से मिल जाएगी। मैं इस w बटन (वैबसाईट के टॉप पर, लेफ्ट में) को ही अधिकांशतः सेटिंग बटन कहता हूँ। इसे कस्टमाईजर बटन भी कह सकते हैं। w बटन दबा कर डिजाइन बटन दबाएँ। उसके अंतर्गत एक थीम्स बटन होगा। उसमें आपकी करेंट थीम का नाम और उसकी जानकारी होगी। अन्य सभी उपलब्ध थीम्स के बारे में भी जानकारी होगी। पुरानी सभी थीम्स देखने के लिए और उन पर रिवर्ट करने के लिए टूल्स के अंतर्गत एक्टिविटी बटन दबाएँ। आपकी सारी पिछली थीम्स वहां पर अपनी सेटिंग्स/कसटमाईजेशन के साथ स्टोर मिलेंगी।

Please click on this link to view this post in English (Website creation, management and development, part-13)

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demystifyingkundalini by Premyogi vajra- प्रेमयोगी वज्र-कृत कुण्डलिनी-रहस्योद्घाटन

I am as natural as air and water. I take in hand whatever is there to work hard and make a merry. I am fond of Yoga, Tantra, Music and Cinema. मैं हवा और पानी की तरह प्राकृतिक हूं। मैं कड़ी मेहनत करने और रंगरलियाँ मनाने के लिए जो कुछ भी काम देखता हूँ, उसे हाथ में ले लेता हूं। मुझे योग, तंत्र, संगीत और सिनेमा का शौक है।

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