The non dual, tantric, Kundalini yoga technique (the real meditation) including Patanjali Yogsutras, Kundalini awakening, spiritual Enlightenment (self-realization), and spiritual liberation explained, verified, clarified, simplified, justified, taught, guided, defined, displayed, summarized, and proved in experiential, exhilarating, story like, biography like, philosophical, practical, humanely, scientific, and logical ways altogether best over- अद्वैतपूर्ण, तांत्रिक, कुंडलिनी योग तकनीक (असली ध्यान) सहित पतंजलि योगसूत्र, कुण्डलिनीजागरण, आत्मज्ञान और अध्यात्मिक मोक्ष को एक अनुभवपूर्ण, रोमांचक, कथामय, जीवनचरित्रमय, दार्शनिक, व्यावहारिक, मानवीय, वैज्ञानिक और तार्किक तरीके से; सबसे अच्छे रूप में समझने योग्य, सत्यापित, स्पष्टीकृत, सरलीकृत, औचित्यीकृत, सीखने योग्य, निर्देशित, परिभाषित, प्रदर्शित, संक्षिप्त, और प्रमाणित किया गया है
जग में सुंदर हैं सब काम पर मिल जाए अब आ~राम। बोलो राम राम राम राम से बड़ा राम का नाम।१। दीपावली मनाएं हम खुशियां खूब लुटाएं हम। आ~राम आ~राम रट-रट के काम को ब्रेक लगाएं हम।२। मानवता को जगाएँ हम दीप से दीप जलाएँ हम।-2 प्रेम की गंगा बहाएं हम-2 नितदिन सुबहो शाम।३। बोलो राम राम राम राम से बड़ा राम का नाम।-2 जग में------ वैर-विरोध को छोड़ें हम मन को भीतर मोड़ें हम। ज्ञान के धागे जोड़ें हम बंधन बेड़ी तोड़ें हम।४। दिल से राम न बोलें हम माल पराया तोलें हम।-2 प्यारे राम को जपने का-2 ऐसा हो न काम।५। बोलो राम राम राम राम से बड़ा राम का नाम।-2 जग में------ मेहनत खूब करेंगे हम रंगत खूब भरेंगे हम। मन को राम ही देकर के तन से काम करेंगे हम।६। अच्छे काम करेंगे हम अहम-भ्रम न भरेंगे हम।-2 बगल में शूरी रखकर के-2 मुँह में न हो राम।७। बोलो राम राम राम राम से बड़ा राम का नाम।-2 जग में------ भाईचारा बाँटें हम शिष्टाचार ही छांटें हम। रूढ़ि बंदिश काटें हम अंध-विचार को पाटें हम।८। धर्म विभेद करें न हम एक अभेद ही भीतर हम।-2 कोई शिवजी कहे तो कोई-2 दुर्गा कृष्ण या राम।९। बोलो राम राम राम राम से बड़ा राम का नाम।-2 जग में------ धुन प्रकार~ जग में सुंदर हैं दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम [भजनसम्राट अनुप जलोटा गीत] साभार~भीष्म🙏@bhishmsharma95
जय माता दुर्गे जय माता तारा। हम पापी मानुष को तेरा सहारा।। जय माँ भवानी तेरा जयकारा। भव-सा-गर का तू ही किनारा।। जय माता दुर्गे------ हिंगलाज नानी। जय हो जयकारा तेरे लिए मेरा जीवन पहारा।। जय माता--- भटकूँ अवारा बेघर बिचारा। तेरे सिवा नहीं अब कोई चारा।। जय माता--- जग देख सारा भटका मैं हारा। भूलूँ कभी न तेरा नजारा।। जय माता--- हे अम्बे रानी जय जय जयकारा पागल सुत तेरा नकली खटारा।। जय माता---- तू ही जगमाता तू ही विधाता। तू जो नहीं हमें कुछ भी न आता।। हम थरमामीटर तू उसमें पारा। तू क्षीरसागर हम पानी खारा।। जय माता--- किसमत का मारा जग में नकारा तू जो मिले जग पाए करारा।। हे माता--- जो है हमारा सब है तुम्हारा। दूँ क्या मैं तुझको जो हो हमारा।। जय माता दुर्गे जय माता तारा। हम पापी मानुष को तेरा सहारा।। साभार~भीष्म🙏@bhishmsharma95
जहाँ भी देखो वहीं दक्ष हैं।
अहंकार से भरे हुए
अपने-अपने पक्ष हैं।
कोई याग-यज्ञ में डूबा
कोई दुनिया का अजूबा।
कोई बिजनेसमेन बना है
हड़प के बैठा पूरा सूबा।
एक नहीँ धंधे लक्ष हैं
जहां भी देखो वहीँ दक्ष हैं।
अहंकार से भरे हुए
अपने-अपने पक्ष हैं।
कर्म-मार्ग में रचे-पचे हैं
राग-रागिनी खूब मचे हैं।
नाम-निशान नहीं है सती का
शिव भी उस बिन नहीं जचे हैं।
अंधियारे से भरे कक्ष हैं
जहां भी देखो वहीँ दक्ष हैं।
अहंकार से भरे हुए
अपने-अपने पक्ष हैं।
ढोंग दिखावा अंतहीन है
मन की निष्ठा अति महीन है।
फल पीछे लट्टू हो रहते
फलदाता को झूठा कहते।
चमकाते बस नयन नक्श हैं
जहां भी देखो वहीँ दक्ष हैं।
अहंकार से भरे हुए
अपने-अपने पक्ष हैं।
प्रेम-घृणा का झूला झूले
दर्शन वेद पुराण का भूले।
बाहु-बली नहीं कोई भी
नभ के पार जो उसको छू ले।
शिवप्रकोप से न सरक्ष हैं
जहाँ भी देखो वहीँ दक्ष हैं।
अहंकार से भरे हुए
अपने-अपने पक्ष हैं।
~भीष्म🙏
King Mount Karol 【Parvatraj Karol】 rising with Sun
हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल।
सुबह-सवेरे जब भी उठता तू ही सबसे पहले दिखता। सुबह-सवेरे जब भी उठता तू ही सबसे पहले दिखता। सूरज का दीपक मस्तक पर ले के जग को रौशन करता। सूरज का दीपक मस्तक पर ले के जग को रौशन करता। सूरज को डाले जल से तू सूरज को डाले जल से तू सूरज संग नहाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल।
काम बोझ से जब भी थकता सर ऊपर कर तुझको तकता। काम बोझ से जब भी थकता सर ऊपर कर तुझको तकता। दर्शन अचल वदन होने से काम से हरगिज़ न रुक सकता। दर्शन अचल वदन होने से काम से हरगिज़ न रुक सकता। कर्मयोग का पावन झरना कर्मयोग का पावन झरना पल-पल तूने बहाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल।
बदल गए सब रिश्ते नाते बदल गया संसार ये सारा। बदल गए सब रिश्ते नाते बदल गया संसार ये सारा। मित्र-मंडली छान के रख दी हर-इक आगे काल के हारा। मित्र-मंडली छान के रख दी हर-इक आगे काल के हारा। खुशकिस्मत हूँ तेरे जैसा खुशकिस्मत हूँ तेरे जैसा मीत जो मन का पाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल।
सबसे ऊंचे पद पर रहता कहलाए देवों का दे-वता। सबसे ऊंचे पद पर रहता कहलाए देवों का दे-वता। उठकर मूल अधार से प्राणी रोमांचित मस्तक पर होता। उठकर मूल अधार से प्राणी रोमांचित मस्तक पर होता। सब देवों ने मिलकर तेरा सब देवों ने मिलकर तेरा प्यारा रूप बनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल।
जटा बूटियाँ तेरे अंदर नाग मोरनी मानुष बंदर। जटा बूटियाँ तेरे अंदर नाग मोरनी मानुष बंदर। गंगा नद नाले और झरने नेत्र तीसरा भीषण कन्दर। गंगा नद नाले और झरने नेत्र तीसरा भीषण कन्दर।
चन्द्र मुकुट पर तोरे सोहे बरबस ही मोरा मन मोहे। चन्द्र मुकुट पर तोरे सोहे बरबस ही मोरा मन मोहे। उपपर्वत नीचे तक जो है नंदी वृष पर बैठे सो है। उपपर्वत नीचे तक जो है नंदी वृष पर बैठे सो है।
बिजली सी गौरा विराजे कड़कत चमकत डमरू बाजे। बिजली सी गौरा विराजे कड़कत चमकत डमरू बाजे। आंधी से हिलते-डुलते वन नटराजन के जैसे साजे। आंधी से हिलते-डुलते वन नटराजन के जैसे साजे।
बाघम्बर बदली का फूल धुंध बनी है भस्म की धूल। बाघम्बर बदली का फूल धुंध बनी है भस्म की धूल। गणपत जल बन बरसे ऊपर ऋतु मिश्रण का है तिरशूल। गणपत जल बन बरसे ऊपर ऋतु मिश्रण का है तिरशूल।
मन-भावन इस रूप में तेरे मन-भावन इस रूप में तेरे शिव का रूप समाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। जब जग ने ठुकराया तू-ने अपनाया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल तेरा अद्भुत साया। हे! पर्वतराज करोल। -हृदयेश बाल🙏🙏bhishm