प्रेमयोगी वज्र द्वारा लिखित अन्य पुस्तकें (हिंदी)
पुस्तक सूची
प्रेमयोगी वज्र द्वारा लिखित अन्य पुस्तकें (हिंदी)
कुण्डलिनी, तंत्र एवं आध्यात्मिक मनोविज्ञान
प्रेम, तंत्र, कुण्डलिनी जागरण और आत्मज्ञान की एक अद्वितीय आत्मानुभव-आधारित यात्रा, जिसने लेखक के आगे के समस्त दर्शन की नींव रखी।
“श्रेष्ठतम एवं उत्कृष्ट। हर व्यक्ति को अवश्य पढ़नी चाहिए।” — पाठक समीक्षा
कुण्डलिनी, ध्यान, चेतना और आध्यात्मिक मनोविज्ञान की उन्नत अवस्थाओं का व्यावहारिक अध्ययन।
3. एक आधुनिक कुण्डलिनी तंत्र: एक योगी की प्रेमकथा (संवर्धित एवं विस्तारित संस्करण)
प्रेमयोग, तंत्र, कुण्डलिनी जागरण और आत्मज्ञान की यात्रा का विस्तृत एवं संशोधित संस्करण।
4. तंत्र : ज्ञानों का ज्ञान: प्राचीन तांत्रिक ज्ञान से आधुनिक चेतना विज्ञान तक
प्राचीन तांत्रिक ज्ञान को आधुनिक मनोविज्ञान, प्रेम और चेतना के साथ जोड़कर प्रस्तुत करने वाला व्यावहारिक ग्रंथ।
कुण्डलिनी विज्ञान श्रृंखला का प्रथम आधारग्रंथ, जिसमें मनोविज्ञान और आध्यात्मिकता का सुंदर समन्वय है।
रहस्यात्मक यौन-तंत्र, प्रेम, मनोविज्ञान और आध्यात्मिक उत्कर्ष का गहन विश्लेषण।
जागरण, आत्मानुभूति और जीवन के उच्चतर मनोवैज्ञानिक आयामों की यात्रा।
कुण्डलिनी साधना के मध्य चरणों और चेतना के क्रमिक विकास का विवेचन।
9. वह जो मेरी गुरु बनी: प्रेम, कुण्डलिनी और आत्मबोध की एक आंतरिक आत्मकथा: विस्तारित लेखक संस्करण
कैसे प्रेम स्वयं गुरु बनकर साधक को भीतर से रूपांतरित करता है—एक अत्यंत व्यक्तिगत एवं प्रेरक आत्मकथा।
10. विपासना और कुंडलिनी: विस्तारित संस्करण: शक्ति और साक्षीभाव का परस्पर संवर्धन
विपश्यना और कुण्डलिनी साधना के परस्पर पूरक संबंध का व्यावहारिक अध्ययन।
कुण्डलिनी विज्ञान श्रृंखला का समापन खंड, जो निर्विकल्प अनुभव की दिशा में साधक का मार्गदर्शन करता है।
सनातन दर्शन एवं भारतीय आध्यात्मिक परम्परा
12. सनातन धर्म: एक जिया हुआ अनुभव: भीतर की यात्रा और आत्मजागरण
सनातन धर्म को मान्यता नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष जीवनानुभव के रूप में समझने का एक नया दृष्टिकोण।
सांख्य, योग और वेदान्त को एक ही आध्यात्मिक यात्रा के तीन पूरक आयामों के रूप में प्रस्तुत करता है।
पुराण, महाभारत एवं रूपक
14. दिव्य मूँछ-पुराण: व्यंग्यात्मक अध्यात्म, लोकहास्य और आत्मचिंतन की एक अनोखी यात्रा:
हास्य, व्यंग्य और अध्यात्म का अनोखा संगम, जो गंभीर आध्यात्मिक संदेशों को सरल शैली में प्रस्तुत करता है।
प्राचीन पुराणों के प्रतीकों, कथाओं और रूपकों के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों का उद्घाटन।
16. भीष्म पितामह: महायोगी का रहस्य: कुंडलिनी, व्रत और महाभारत की छिपी योगिक शक्ति
महाभारत के भीष्म को एक महान योगी और चेतना के प्रतीक के रूप में समझने का नवीन प्रयास।
विज्ञान, योग एवं चेतना
17. चेतन ब्रह्मांड: क्वांटम विज्ञान व अंतरिक्ष विज्ञान में योग: विस्तारित संस्करण
आधुनिक विज्ञान, अंतरिक्ष-विज्ञान और योग-दर्शन के मध्य अद्भुत संवाद स्थापित करने वाला चिंतनपरक ग्रंथ।
18. ई-रीडर पर मेरी कुण्डलिनी वेबसाइट: योग, तंत्र, चेतना और आध्यात्मिक मनोविज्ञान का समग्र विवेचन
लेखक की वेबसाइट, ई-पुस्तकों, लेखों और डिजिटल पुस्तकालय का सरल परिचय एवं उपयोग-मार्गदर्शिका।
चेतना, अद्वैत एवं आधुनिक दर्शन
19. अकेले का नाच: अद्वैत भाव से कुंडलिनी जागरण तक की आंतरिक यात्रा — विस्तारित लेखक संस्करण
अद्वैत, आंतरिक जागरण और कुण्डलिनी के स्वाभाविक उत्कर्ष का सरल एवं अनुभवजन्य विवेचन।
20. चंद्र-चिकित्सक: पृथ्वी से परे जीवन की खोज करती एक विज्ञान-कथा: विस्तारित लेखक संस्करण
विज्ञान, अंतरिक्ष, चेतना और भविष्य की सभ्यताओं को जोड़ने वाला एक दार्शनिक विज्ञान-कथा उपन्यास।
कुण्डलिनी से जुड़े सामान्य प्रश्नों, भ्रांतियों और अनुभवों का स्पष्ट एवं व्यावहारिक समाधान।
ब्लैकहोल, ब्रह्माण्ड और योग को रूपक के माध्यम से जोड़ने वाला चिंतनशील ग्रंथ।
23. भीतर की गाय: इंद्रियों, जागरूकता और मुक्ति का शास्त्रीय विज्ञान
मानव-मन, इन्द्रियों और आंतरिक जागरूकता को भारतीय प्रतीकों के माध्यम से समझाने का नवीन प्रयास।
24. बहुतकनीकी जैविक खेती एवं वर्षाजल-संग्रहण: आत्मनिर्भर गाँव की ओर: विस्तारित लेखक संस्करण
पर्यावरण, प्राकृतिक खेती, वर्षाजल संरक्षण और योगिक जीवन-दृष्टि का प्रेरणादायक समन्वय।
कुण्डलिनी साधना के व्यावहारिक पक्ष और मनोवैज्ञानिक परिवर्तन की क्रमिक यात्रा।
शरीरविज्ञान दर्शन एवं क्वांटम दर्शन
26. क्वांटम दर्शन: शरीरविज्ञान दर्शन का अगला चरण
शरीरविज्ञान दर्शन का ब्रह्माण्डीय विस्तार, जहाँ सम्पूर्ण अस्तित्व को एक अखण्ड चेतन वास्तविकता के रूप में देखा गया है।
सनातन धर्म — एक जिया हुआ अनुभव श्रृंखला
कृष्ण को प्रेम, लीला, योग और विकसित होती चेतना के जीवंत प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता है।
28. कुंडलिनी विज्ञान से उपजे चिंतन: कुंडलिनी ऊर्जा के शून्य में विलय के बाद जीवन का प्रवाह: खंड 1
कुंडलिनी ऊर्जा के शून्य में विलय के बाद चेतना, जीवन और अस्तित्व को देखने की एक नई दृष्टि कैसे विकसित होती है—यह खंड उसी अनुभवपरक यात्रा से उपजे चिंतन प्रस्तुत करता है। इसमें कुंडलिनी से आगे बढ़कर ध्यान, मन, शरीर, जीवन, प्रेम, चेतना और अस्तित्व के विविध पहलुओं को समझने का प्रयास है।
शक्ति के माध्यम से साहस, करुणा, भक्ति और चेतना के क्रमिक उत्कर्ष का प्रेरक अध्ययन।
30. सनातन धर्म — एक जिया हुआ अनुभव: भाग IV: शिव जीवन — शिव जागरण और भीतर के तंत्र का मार्ग
शिव को मौन, तंत्र, समाधि और आंतरिक स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में समझने का प्रयास।
31. सनातन धर्म: एक जीया हुआ अनुभव — खंड V: राम जीवन — राम जागरण और भीतर के विश्राम का मार्ग
राम के माध्यम से धर्म, मर्यादा, विश्राम और संतुलित जीवन की आध्यात्मिक व्याख्या।
अनुभव, प्रकृति एवं जीवन
32. पशु मन को कैसे पढ़ते हैं: पशुओं के मौन शरीर से शरीरविज्ञान दर्शन और जागरण की खोज
एक पशु-चिकित्सक के अनुभवों पर आधारित पशु-व्यवहार, चेतना और शरीरविज्ञान दर्शन का अध्ययन।
33. A: नाचती नागिन: जब ऊर्जा दिशा सीखती है: कुण्डलिनी, साधना और संतुलित जीवन का अनुभवात्मक दर्शन
प्रेम, प्रकृति और चेतना के माध्यम से आंतरिक ऊर्जा की दिशा को समझने और जीवन को रूपांतरित करने वाला एक नया अनुभवात्मक दर्शन।
33. B: कार्यात्मक बेचैनी: अशांत ऊर्जा से जागरण तक
कैसे बेचैनी, यदि सही दिशा मिले, तो वही आध्यात्मिक जागरण की प्रेरक शक्ति बन सकती है।
34. जब दिल चुप नहीं रहता: जीवन, पीड़ा और अंतरजागरण से उपजी हृदयस्पर्शी हिंदी कविताएँ
जीवन, प्रेम, पीड़ा, आशा और आत्मिक अनुभूतियों से जन्मी संवेदनशील कविताओं का संग्रह।
35. शरीरविज्ञानदर्शन: यत्पिंडे तत्ब्रह्माण्डे — पिंड और ब्रह्माण्ड का तुलनात्मक अध्ययन
मानव शरीर और सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की अद्भुत समानताओं का अनुभवजन्य एवं दार्शनिक अध्ययन।
कला-कौशल
लेखन से लेकर स्वयंप्रकाशन और वेबसाइट निर्माण तक की सम्पूर्ण यात्रा को AI के युग के अनुरूप सरल, व्यावहारिक और चरणबद्ध रूप में प्रस्तुत करने वाली मार्गदर्शिका। यह विस्तारित लेखक संस्करण वास्तविक अनुभवों, आधुनिक कार्यप्रणालियों और ChatGPT सहित AI उपकरणों के प्रभावी उपयोग पर आधारित है।
अन्य
प्रेम से आरंभ होकर भावनात्मक एकाग्रता, ध्यान, कुंडलिनी जागरण और आत्म-साक्षात्कार से गुजरती यह प्रथम-अनुभव आधारित यात्रा पतंजलि के दृष्टिकोण से समाधि की ओर बढ़ते एक साधक के आंतरिक रूपांतरण को प्रस्तुत करती है।
–कुंडलिनी विज्ञान से उपजे चिंतन: चेतना के जागरण का रहस्य — खंड II
कुंडलिनी जागरण, ध्यान, चेतना और आंतरिक अनुभवों के रहस्यों पर गहन चिंतन। यह खंड योग, आध्यात्मिक मनोविज्ञान और आत्मबोध के माध्यम से साधक को अपनी चेतना की गहराइयों को समझने की प्रेरणा देता है।
शृंखला
कुण्डलिनी विज्ञान – एक आध्यात्मिक मनोविज्ञान (पुस्तकें 1–6)
कुण्डलिनी, चेतना, मनोविज्ञान, योग, तंत्र और आत्मज्ञान की क्रमिक एवं समग्र छह-भागीय श्रृंखला।
सनातन धर्म — एक जिया हुआ अनुभव
सनातन धर्म को प्रत्यक्ष जीवनानुभव, साधना और चेतना-विकास के माध्यम से प्रस्तुत करने वाली बहु-खंडीय श्रृंखला।
कुंडलिनी विज्ञान से उपजे चिंतन
कुंडलिनी जागरण, ध्यान, तंत्र और चेतना के प्रत्यक्ष अनुभवों से उपजे गहन चिंतन और आत्म-अन्वेषण की श्रृंखला।
संकलन (Boxed Sets)
कुण्डलिनी विज्ञान: एक आध्यात्मिक मनोविज्ञान — छह पुस्तकों का संकलन
कुण्डलिनी विज्ञान श्रृंखला के सभी छह खंडों का एक विस्तृत एवं समग्र संस्करण।
पाठक इन पुस्तकों को Amazon पर लेखक “Premyogi Vajra” के नाम से खोजकर भी प्राप्त कर सकते हैं। अधिकांश शीर्षक ऑडियोबुक स्वरूप में भी उपलब्ध हैं।
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