कुंडलिनी योग स्मार्टफोन के सॉफ्टवेयर को स्कैन, मालवेयर-फ्री, वायरस-फ्री और अपडेट करने वाला बोट रिमूवल ईस्कैनर या एंटीवायरस एप है

जो हम दुनिया से सूचनाएं इकट्ठा करते हैं, वे हमारा अहंकार बन जाती हैं और उससे आगे से आगे जुड़ती रहती हैं। अहंकार एक सॉफ्टवेयर की तरह है, जो हमारे जीवनरूपी स्मार्टफोन को चलाता है। इसे नष्ट नहीं किया जा सकता। सॉफ्टवेयर के बिना स्मार्टफोन एक मृत व्यक्ति की तरह है। जैसे सॉफ्टवेयर को अपडेट और मालवेयर फ्री किया जा सकता है, वैसे ही अहंकार को भी। जैसे स्मार्टफोन काम करते-करते मालवेयर से ग्रस्त हो जाता है, वैसे ही दुनियादारी के व्यवहारों से अहंकार भी अशुद्ध होता रहता है। जैसे फोन को लगातार अपडेट करते रहना पड़ता है, वैसे ही अहंकार को भी अध्यात्म-साधना आदि से लगातार शुद्ध बनाते रहना पड़ता है। अहंकार को सत्य मानना ही अहंकार की अशुद्धि है। जब शरीरविज्ञान दर्शन आदि अद्वैतमय साधना से अहंकार असत्य लगने लगता है, तब आनंद और चैन महसूस होने के साथ यह शुद्ध होने लगता है। शुद्ध होने के साथ यह कुंडलिनी-अहंकार अर्थात ध्यान-अहंकार में रूपांतरित होने लगता है।कुंडलिनी योग से भी कुंडलिनी-अहंकार बनता है, और मज़बूत होता है। मतलब कुंडलिनी योग एक ऐसे बोट रिमूवर ई स्कैनर एप्लिकेशन की तरह है, जो कुंडलिनी-विचार रूपी सॉफ्टवेयर कोड को चलाती है। वह कुंडलिनी-विचार मन के सभी विचारों को खंगालता है, उनसे आसक्ति अर्थात सत्यता-बुद्धि की अशुद्धि को नष्ट करके उन्हें शुद्ध कुंडलिनी-अहंकार के रूप में रूपांतरित कर देता है। मतलब कुंडलिनी-चित्र सभी विचारों के साथ जुड़ जाता है। इस एप्लिकेशन को प्रतिदिन सुबह-शाम न्यूनतम दिन में दो बार कुंडलिनीयोग के रूप में चलाने से यह सॉफ्टवेयर लगातार काम करता रहता है, और हमें अहंकार मतलब अशुद्ध अहंकार से बचाता रहता है। अहंकार का मतलब ही दरअसल अशुद्ध अहंकार होता है। शुद्ध अहंकार तो आत्मरूप और आनंदरूप होता है। इसलिए इसे अहंकार कहने की बजाय आत्मभाव या ध्यानभाव या आत्मजागरूकता कहें तो ज्यादा उपयुक्त रहेगा और लोगों को गलतफहमी नहीं होगी।

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demystifyingkundalini by Premyogi vajra- प्रेमयोगी वज्र-कृत कुण्डलिनी-रहस्योद्घाटन

I am as natural as air and water. I take in hand whatever is there to work hard and make a merry. I am fond of Yoga, Tantra, Music and Cinema. मैं हवा और पानी की तरह प्राकृतिक हूं। मैं कड़ी मेहनत करने और रंगरलियाँ मनाने के लिए जो कुछ भी काम देखता हूँ, उसे हाथ में ले लेता हूं। मुझे योग, तंत्र, संगीत और सिनेमा का शौक है।

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