वेबसाईट का निर्माण, प्रबंधन व विकास, भाग-9

कोई भी वेबपेज बनाने के लिए “माय साईट” को क्लिक करते हैं। उससे ड्रॉप डाऊन मीनू खुलता है। उस पर “साईट पेजस” नाम से एक बटन होता है। उसके कोने में लिखे “एड पेज” पर क्लिक किया जाता है, जिससे लिखने के लिए एक खाली साईट-पेज खुलता है। उसे लिख कर पब्लिश कर दिया जाता है। वह वेबपोस्ट की तरह किसी ईमेल फोलोवर को डिलीवर नहीं होता, बल्कि वेबसाईट में कहीं गुमनाम पड़ा रहता है। उस वेबपेज को किसी मीनू में या विजेट में एड करना पड़ता है। मीनू में डालने के लिए कस्टमाईजर से प्राईमरी मीनू खोलें। उसमें मीनू के सभी पेज दिखते हैं, और अंत में नीचे एक “एड आईटम” बटन होता है। उस पर क्लिक करने से सभी वेबपेजस की लिस्ट खुल जाएगी। अब उस नए वेबपेज को सेलेक्ट कर लें। वह प्राईमरी मीनू में जुड़ जाएगा। मीनू की सभी आईटम्स को रिओरडर (ऊपर-नीचे) भी कर सकते हैं, और किसी आईटम का ड्रॉपडाऊन लिस्ट के रूप में सबमीनू भी बनाया जा सकता है। इससे यह लाभ होता है की वेबसाईट की साईडबार बहुत लम्बी होकर मेन कंटेंट के नीचे तक नहीं लटकती।

विजेट में वेबपेज को डालने के लिए कस्टमाईज़र से विजेट में जाएं। यथानुसार साईडबार या फुटबार विजेट को सेलेक्ट करें। वेबसाईट में लगे हुए विजेटस की लिस्ट के बोटम पर एक “एड विजेट” नाम से बटन होता है। उस पर क्लीक करके विजेट की एक नई व लम्बी लिस्ट खुलती है। उस पर “पेज” विजेट को चुनें। वह विजेट वेबसाईट के विजेट की लिस्ट में जुड़ जाएगा। अब उस पर क्लिक करके उसे नाम दें। उसमें वेबसाईट के सारे पेज जुड़ जाएंगे, और उनकी एक लम्बी लिस्ट नीचे की तरफ साईडबार में जुड़ जाएगी। उस लिस्ट में वे सभी पेज भी होंगें, जो प्राईमरी मीनू में दिख रहे होंगे। साथ में, इस विजेट की ड्रॉपडाऊन लिस्ट भी नहीं बनती। इससे यह बहुत स्थान घेरता है, जिससे साईडबार बहुत नीचे तक चली जाती है। इससे बचने के लिए डबल साईडबार वाली (दोनों बाईं तरफ, दोनों दाईं तरफ, या एक बाईं व एक दाईं तरफ) वेबसाईट-थीम को भी एक्टिवेट किया जा सकता है। इससे यह नुक्सान हो सकता है कि मेन कंटेंट के लिए जगह काफी कम रह सकती है, मुख्यतया डेस्कटॉप पर। दूसरा उपाय है कि इस विजेट का प्रयोग न करें। उपरोक्तानुसार, प्राईमरी मीनू में ही एक आईटम “अन्य वेबपेजस” आदि नाम से बना लें। उसमें अतिरिक्त के वेबपेज “एड आईटम” से डालें, व उन्हें रिऑर्डर कर लें। उस “अन्य वेबपेजस” आईटम का सबमीनू बना लें। इससे इसके नीचे के सभी पेज ड्रॉपडाऊन लिस्ट के रूप में आ जाएंगे, जो कम जगह घेरेंगे। अन्य भी बहुत से विजेट होते हैं, जैसे “रीसेंट पोस्टस”, “टॉप पोस्टस एंड पेजस”, “टेक्स्ट” आदि। “टेक्स्ट” विजेट को साधारण सूचना जैसे की कोपीराईट सूचना, व डिसक्लेमर आदि लिखने के लिए किया जाता है।

यदि आप हरेक पोस्ट के ऊपर शेयर की संख्या भी दिखाना चाहते हैं, तो “माय साईट” पर जाएं। ड्रॉपडाऊन लिस्ट में “शेयरिंग” बटन को क्लिक करें। अब उस पर “ऑफिशियल बटन्स” को क्लिक करें। वैबसाईट के मामले में धीरज रखना चाहिए। कभी भी डोमेन नेम व वैबसाईट के विषय को बदलना नहीं चाहिए। डोमेन का नाम भी वैबसाईट के अनुसार ही रखना चाहिए। जैसे कि यह वैबसाईट कुण्डलिनी से सम्बंधित है, इसीलिए इसका डोमेन नाम “demystifyingkundalini” रखा गया है।

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Please click on this link to view this post in English (Website creation, management and development, part-9)

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demystifyingkundalini by Premyogi vajra- प्रेमयोगी वज्र-कृत कुण्डलिनी-रहस्योद्घाटन

I am as natural as air and water. I take in hand whatever is there to work hard and make a merry. I am fond of Yoga, Tantra, Music and Cinema. मैं हवा और पानी की तरह प्राकृतिक हूं। मैं कड़ी मेहनत करने और रंगरलियाँ मनाने के लिए जो कुछ भी काम देखता हूँ, उसे हाथ में ले लेता हूं। मुझे योग, तंत्र, संगीत और सिनेमा का शौक है।

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