वेबसाईट का निर्माण, प्रबंधन व विकास, भाग-4; Website creation, management and development, part-4

वेबसाईट का निर्माण, प्रबंधन व विकास, भाग-4 (please browse down or click here to view this post in English)

पिछली पोस्ट में हम वेबपोस्ट को लिखने के बारे में बता रहे थे, जो इस पोस्ट में भी जारी है। कुछ फोटो / वीडियो आदि डालने के लिए टॉप के बाएँ कोने का प्लस निशान दबा कर आए मीडिया बटन को दबाया जाता है।

पूर्वोक्त स्टेटस बटन से हम यह भी देख सकते हैं कि हमारी वेबसाईट की तरफ लोगों को रेफर / निर्देशित करने वाला स्रोत क्या है। जैसे कि क्वोरा या फेसबुक या ट्विटर आदि। वास्तव में प्रारम्भ में रेफरल ट्रेफिक का ही सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि सर्च इंजन से ट्रेफिक लगभग शून्य ही होती है। इसके लिए हर सोशल मीडिया पर, फोरम पर, वार्तालाप पर व कमेन्ट पर अपनी वेबसाईट का लिंक डालकर रेफरेंस देते रहना चाहिए। सबसे अच्छा तरीका तो क्वोरा पर प्रश्नों के उत्तर दें, क्योंकि आजकल क्वोरा नंबर एक की प्रश्नोत्तरी वेबसाईट है। वहां पर वेबसाईट का लिंक डालने की सबसे अधिक छूट है, और वहां से रेफरल ट्रेफिक एकदम से मिलनी शुरू हो जाती है, और लम्बे समय तक मिलती रहती है। इसी तरह हम ओनलाईन एप से वेबसाईट का सर्च-रेंक व बेकलिंक स्टेटस भी जान सकते हैं। सर्च इंजन रेंक का मतलब है कि वेबसाईट में स्थित किसी कीवर्ड को गूगल पर सर्च करने पर वह वेबसाईट कौन से पेज पर व कौन से नंबर पर आ रही है। एक पेज पर 10 वेबसाईटें होती हैं। इस तरह के 10 पेज ही सर्च में शो होते हैं। यदि पहले पेज पर वेबसाईट आए तो अच्छी बात है, यदि उस पर भी प्रथम / टॉप की तीन वेबसाईटों में आए तो सर्वोत्तम। की-वर्ड यदि मशहूर होगा, तभी लोग उसे सर्च करेंगे। उदाहरण के लिए, यदि “कुण्डलिनी” शब्द प्रथम पृष्ठ पर आए, तो सर्वोत्तम ट्रेफिक मिलेगी, क्योंकि कुण्डलिनी शब्द बहुत मशहूर है। पर यदि “कुण्डलिनी का रहस्योद्घाटन”, यह शब्द-समूह / की-वर्ड प्रथम पेज पर आए, तो कोई विशेष लाभ नहीं, क्योंकि इस की-वर्ड को खोजने वाले लोग बहुत कम हैं।

सर्च-रेंकिंग वियूशिप से बढ़ती है, और वह वियूशिप भी गूगल सर्च से ही आनी चाहिए, रिफेरल सोर्स से नहीं। वियूशिप का अर्थ है कि प्रति विजिट कितने वियू हैं। यदि वियूशिप कम है, तो इसका अर्थ है कि वेबसाईट बोरिंग है। वास्तव में, सर्च इंजन से आई हुई ट्रेफिक का वियूशिप ही वेबसाईट-रेंकिंग बढ़ाता है, रिफेरल ट्रेफिक का नहीं। इसी तरह बेकलिंक से भी बहुत अधिक ट्रेफिक मिल सकती है, विशेषतः यदि बेकलिंक प्रसिद्द वेबसाईट से मिला है। बेकलिंक का अर्थ है कि दूसरी वेबसाईट हमारी वेबसाईट को लिंक कर रही है।

वर्डप्रेस डॉट ओर्ग (ओर्ग- ऑर्गेनाईजेशन) के माध्यम से उपलब्ध वर्डप्रेस वास्तव में लाएनेक्स के फ्री विन्डोज़ ऑपरेटिंग सोफ्टवेयर की तरह वेबसाईट बनाने के लिए एक सार्वजनिक व निःशुल्क सोफ्टवेयर है। इसे ओपन सोर्स सोफ्टवेयर भी कहते हैं। यह वेबसाईट के लिए ऐसे ही है, जैसे कम्पयूटर के लिए विंडोज सोफ्टवेयर है। उसे कोई भी सोफ्टवेयर विशेषग्य अपनी कला से सुधार सकता है। इसीलिए वेबसाईट बनाने में कोई खर्चा नहीं आता। परन्तु उससे सम्बंधित कायदे-कानूनों का ज्ञान तो होना ही चाहिए, जैसे कि गूगल को साईट मेप उपलब्ध करवाते रहना, गूगल एनालीटिक को इंस्टाल करना, एसईओ (सर्च इंजन ओपटीमाईजेशन) आदि-२। साथ में, होस्टिंग सर्विस के लिए तो किसी कंपनी को चुन कर, उसे तो शुल्क अदा करना ही पड़ता है। वह कंपनी वेबसाईट का सारा डाटा सुरक्षित रूप से स्टोर करके रखती है, और वेब पर उपलब्ध करवाती है। इन सभी परेशानियों को देखते हुए, वर्डप्रेस डॉट कोम (कोम- कोमर्शियल) नाम की कंपनी बनाई गई। उस कंपनी ने निःशुल्क वेबसाईट सेवाप्रदाता के वर्डप्रेस प्लेटफोर्म के साथ अन्य सभी सेवाएं प्रदान कीं। इससे लोगों को कुछ सस्ते में ही सभी परेशानियों से छुटकारा मिल गया। उनका काम फिर वेबसाईट पर लिखना मात्र ही रह गया। जैसे कि पहले भी बताया गया है कि उनके तीन प्लान हैं——अगली पोस्ट में जारी——

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Website creation, management and development, part-4

 

In the previous post we were talking about writing a web post, which is also in this post. To insert some photo / video etc., pressing the plus sign of the top left corner causes the media button pop out.

From the aforementioned ‘Stats’ button, we can also see what is the source of referring / directing people towards our website. Such as quora or facebook or twitter etc. In fact, referrals have to be resorted to in the beginning, because traffic from the search engines is almost zero. For this, on every social media, on the forum, on the conversation and comment, reference of website should be given by putting a link of your website. Answering the questions on Quora is the best way, because now quora is the number one quiz website. There is the maximum discount for putting a link of the website on quora, and from there the referral traffic starts immediately, and it lasts for a long time. Similarly, we can also find the website’s search-rank and backlink status from the online apps. Search Engine Rank means that on which page and on which position the website is positioned, when searching any keyword of website in the search engine. There are 10 websites on one page. Such 10 pages are shown only in search. If the first page is reserved to the website then it is a good thing, if it comes in the first / top three positions, then the best. If the keyword is famous, then only people will search it. For example, if the keyword “kundalini” brings website to the first page, then the best traffic will be obtained, because the word Kundalini is very popular. But if “the revelation of Kundalini”, this keyword-group / key phrase brings the website on the first page, then there is no special advantage, because people searching for this word-group are very few.

Search-Ranking increases with viewship, and that should also come from Google search, not from referral sources. Viewship means how many views per visit are there. If the viewship is low, it means that the website is boring. In fact, the traffic from the search engines increases website-ranking, not the referral traffic. Similarly, there may be more traffic from backlink, especially if the backlink is from the popular website. Backlink means that the other website is linking to our website.

WordPress available through WordPress.org (org- organization) is actually a public and free software for creating websites like Linux’s free Windows operating software. It is also called open source software. This is there to run the website, just as Windows software is there to run the computers. It can be improved by any software expert through his art. That’s why there is no cost to make the website. But there must be knowledge of the laws and rules related to it, such as providing the site map to Google, installing Google Analytics, SEO (Search Engine Optimization) etc. Together, by choosing a company for the hosting service, one has to pay the fee. The company keeps all the data stored on its cloud service safely, and makes it available on the web. Looking at all these problems, the WordPress.com (com-commercial) was created. The company provided all other services with the free WordPress platform. With this, people got rid of all the hassles in some cheap way. Their work was left to write on the website only. As mentioned earlier, they have three plans ———————————-continued in next web post———

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demystifyingkundalini by Premyogi vajra- प्रेमयोगी वज्र-कृत कुण्डलिनी-रहस्योद्घाटन

I am as natural as air and water. I take in hand whatever is there to work hard and make a merry. I am fond of Yoga, Tantra, Music and Cinema. मैं हवा और पानी की तरह प्राकृतिक हूं। मैं कड़ी मेहनत करने और रंगरलियाँ मनाने के लिए जो कुछ भी काम देखता हूँ, उसे हाथ में ले लेता हूं। मुझे योग, तंत्र, संगीत और सिनेमा का शौक है।

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