अभिनन्दन को अभिनन्दन- Abhinandan (Congratulations) to Abhinandan

अभिनन्दन को अभिनन्दन (please browse down or click here to view this post in English)

भारत-पाकिस्तान की निगरानी के लिए अंतर्राष्ट्रीय (संयुक्त राष्ट्रसंघ) पर्यवेक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। यदि हुई है, तो वह नाकाफी है, या पक्षपातपूर्ण है। मैं यह बात बता देना चाहता हूँ कि यह बहुत ही ऊंचे स्तर की बात है, जिसकी सम्पूर्ण कूटनीति को समझना मेरे बस की बात नहीं है। फिर भी मैं अपने विचार प्रकट कर रहा हूँ, यह जानने के लिए कि सब कुछ जानते हुए भी संयुक्त राष्ट्रसंघ मूकदर्शक क्यों बना रहता है। तभी तो पाकिस्तान नित-नए झूठ के रंग-बिरंगे बादल उड़ाता रहता है, दुनिया भर में। वह ऐसा हमेशा से ही करता आया है। वह रोज सीजफायर का उल्लंघन करता है, और हमारे रिहायशी इलाकों को अपना निशाना बनाता रहता है, जिसे दुनिया या संयुक्त राष्ट्रसंघ देख ही नहीं पाता। भारत केवल आतंकी शिविरों को ही अपना निशाना बनाता है, सैनिक व नागरिक क्षेत्रों को नहीं। पाकिस्तान केवल सैनिक व नागरिक क्षेत्रों पर ही हमले करता है। और करेगा भी कहाँ, क्योंकि हमारे देश में आतंकवादी हैं ही नहीं।

एक बात जरूर है कि शिमला समझौते के बाद अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक का प्रश्न ही पैदा नहीं होता। पर यह सवाल भी सच है कि पाकिस्तान ने समझौतों का पालन किया ही कब? जो समझौतों को माने, वह पाकिस्तान ही कैसा? भारत-पाक सीमा पर अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक रखने का पाक का सुझाव भी साजिश से भरा हुआ लगता है। आजकल के अटैक हाईटेक होते हैं। उन पर सड़क पर दौड़ने वाली यूएनओ की गाड़ी कैसे नजर रख पाएगी। एलओसी बहुत बड़ी है। उस पर एकसाथ नजर रखना आसान काम नहीं है। पाकिस्तान को तो वैसे भी झूठ, दुष्प्रचार व साजिश को रचने में महारत हासिल है। ऐसा वह अनगिनत बार कर चुका है। अतः यह कैसे माना जा सकता है कि वह यूएनओ की टीम का ब्रेनवाश नहीं कर देगा? वह तो उन्हें आतंकवादियों का डर दिखा कर उनसे झूठी रिपोर्टें भी बनवा सकता है। जान बचाने के लिए आदमी क्या काम नहीं कर सकता? आजकल तो आकाशीय उपग्रहों का युग है। एलओसी पर उपग्रहों से क्यों नजर नहीं रखी जाती। उसके लिए तो किसी की अनुमति की आवश्यकता भी नहीं है। उस पर खर्चा भी कम आएगा, और त्रुटि की संभावना भी नहीं होगी। आजकल के उपग्रह तो छत के ऊपर लगी पानी की टंकी को भी स्पष्ट दिखा सकते हैं। क्या वे एलओसी का निरीक्षण नहीं कर पाएंगे?

विकिलीक ने खुलासा किया है कि अमरीका को बालाकोट के आतंकवादी-शिविरों के बारे में बहुत पहले से पता था। जब उसे पता था, तब उसने उनको अपना लक्ष्य क्यों नहीं बनाया? उसने भारत को भी उस बारे में सतर्क करते हुए, उसकी सहायता भी क्यों नहीं की। यह एक विचारणीय विषय है। डेविड हेडली जो मुंबई हमले की योजना का हिस्सा था, उसका पता अमरीका को पहले से ही था, पर उसने बताया नहीं। यह सबको पता है कि अमरीका ने रशिया के खिलाफ पाकिस्तान के आतंकवाद को पोषित भी किया था। जब वर्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हुआ, तब अमरीका को समझ आई। देर से आए, दुरस्त आए। जब जागो, तभी सवेरा। परन्तु आतंकवाद के विरुद्ध अमरीका के प्रयास नाकाफी प्रतीत होते हैं। अमरीका ने बच्चे की तरह पाकिस्तान को पाल-पोस कर बड़ा किया है। उससे आतंकवाद भी खुद ही फलता-फूलता गया। अमरीका जैसे चतुर देश की आंख में कोई धूल नहीं झोंक सकता। पाकिस्तान द्वारा उसकी आँखों में धूल झोंकने की बात करना तो एक बहाना मात्र है, सच्चाई कुछ और ही लगती है। हाल ही में पाकिस्तान ने भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए एफ-16 विमान का प्रयोग किया, जिसे परमवीर विंग कमांडर अभिनन्दन ने मार गिराया। पाकिस्तान ने ऐसा करके अमेरिका के साथ की हुई संधि को तोड़ा है। लगता नहीं है कि अमरीका उसके खिलाफ कोई सख्त एक्शन लेगा। यह भी हो सकता है कि यदि अमरीका भारत का खुल कर साथ दे, तो चीन पाकिस्तान का खुल कर साथ देगा। गुपचुप तरीके से तो वह अभी भी दे रहा है। चीन को यह समझ लेना चाहिए कि बुराई का साथ देकर उसका कभी भी भला नहीं हो सकता। प्रकृति बहुत बलवान है, और वह बड़ों-२ को झुका देती है। अमरीका कहता है कि भारतीय सेना को अफगानिस्तान में नियुक्त करना चाहिए। यहाँ हाल यह है कि भारत के 40 से अधिक सैनिक पाकिस्तान ने मार दिए, और अमरीका ने उस पर एक भी हवाई हमला नहीं किया। यदि वह ऐसा करता, तब हम मानते कि भारतीय-सैनिकों का वास्तव में वह हित चाहता है, और अफगानिस्तान में भी वह उन्हें सुरक्षित रहने में मदद करेगा। जब अपने देश भारत में ही भारतीय-सैनिक सुरक्षित नहीं हैं, तब अफगानिस्तान में वे कैसे सुरक्षित रह सकते हैं। वहां पर तो आतंकवादियों का खुला बोलबाला है। अगर पाकिस्तान के पास परमाणु बम है, तो भारत के पास भी है। भारत के पास तो वह हवा, जल व स्थल, तीनों जगह पर तैनात है, और अब तो वे परमाणु-पनडुब्बी पर भी तैनात कर दिए गए हैं। चीन पाकिस्तान की मदद केवल अपने स्वार्थपूर्ण हितों के लिए कर रहा है। वह विश्व के हितों को अनदेखा कर रहा है।

कश्मीर से धारा 370 व धारा 35-ए को तुरंत हटा दिया जाना चाहिए, क्योंकि वे आतंकवाद का पोषण करती हैं। सिन्धु जल समझौते को भी रद्द कर देना चाहिए। पाकिस्तान भी कोई समझौता नहीं मानता। केवल अपने हिस्से का पानी रोक देने से ही कुछ विशेष नहीं होने वाला है। यदि इसके बदले में चीन भारत का पानी रोकता है, तो उससे विशेष फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत एक बहुत बड़ा देश है। परन्तु पाकिस्तान तो लगभग प्यासा ही हो जाएगा। पाकिस्तान के साथ कोई भी मैच नहीं खेलना चाहिए। क्रिकेट विश्वकप से भी पाकिस्तान का बहिष्कार करवा देना चाहिए, क्योंकि वहां पर भारत की सबसे अधिक चलती है, और सबसे अधिक कमाई भी भारत से ही होती है। कश्मीर को सेना के हवाले कर देना चाहिए। देशद्रोहियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान हो। उनके लिए व आतंकवादियों के लिए विशेष फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने चाहिए, ताकि कांधार-अपहरण जैसी घटना दुबारा न घटे। यदि मसूद अजहर को तुरंत फांसी दे दी गई होती, तो उसके चेले-चांटे उसे छुड़वाने के लिए हमारे विमान का अपहरण न करते। यह नियम है कि जख्म का इलाज करते समय उसके आसपास के स्वस्थ भाग भी कुछ न कुछ दुष्प्रभावित हो ही जाते हैं। सेना उच्च कोटि के हेलमेट व बुलेटप्रूफ जेकेट पहन कर कश्मीर में घर-2 की तलाशी जारी रखे। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी-शिविरों को ध्वस्त करके दुनिया के भले के लिए महान काम किया है। इसलिए बदले में दुनिया के अन्य देशों को भारत के लिए अत्याधुनिक हथियार व सैनिक मुफ्त में मुहैया करवा देने चाहिए, ताकि भारत यह कार्यवाही उत्तम तरीके से जारी रख सके।

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अंत में, वीर अभिनन्दन को अभिनन्दन।

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Abhinandan (Congratulations) to Abhinandan

International (United Nations) supervisors have not been appointed to oversee India-Pakistan. If it has happened, then it is inadequate, or biased. I want to tell you that it is a very high-level thing to talk about, whose whole diplomacy is not under my understanding. Still I am expressing my views, to know why the United Nations remains a mute spectator even knowing everything. Pakistan continues to flutter the colorful clouds of ever new lies around the world. It has always been doing this always. It violates the ceasefire every day, and continues to target our habitats, which the world or the United Nations cannot see. India only targets militant camps, not soldiers and civilian areas. Pakistan attacks only on soldiers and civilian areas. And where will it target, because there are not terrorists in our country.

One thing is certain that the question of international observer does not arise after the Shimla Agreement. However, this question is also true that when Pakistan has followed agreements? Who follows agreements, how can that be a Pakistan? The suggestion of Pakistan to keep an international observer on the Indo-Pak border seems to be full of conspiracy. Nowadays, attacks are high-tech. How to track those from a road-laden UNO car? LOC is too big. Keeping an eye on it together is not easy. Pakistan is well mastered to create lies, misrepresentation, and conspiracy anyway. He has done so many times. So how can it be assumed that it will not brainwash the UNO team? He could also make fake reports through them by showing them the fear of terrorists. What can a man not do to save his life? Nowadays, there is an era of celestial satellites. Why are not satellites put to observe the Loc? There is no need for anyone’s permission for that. There will be less expenditure on that, and there will be no possibility of error. Today’s satellites can also show the water tank on top of the roof clearly. Will not they be able to inspect the Loc?

Wiki leaks have disclosed that America knew about Balakot’s terrorist camps long ago. When it knew this, then why did not it make its goal to destroy those? It also did not warn India about that, leave alone the help. This is a considerable topic. David Headley, who was part of the Mumbai attacks plan, was already in the US, but it did not disclose it. It is known to all that America also funded Pakistan’s terrorism against Russia. When the World Trade Center was attacked, then the US came to understand. When understanding comes late, it comes better. When you wake up, then only the morning is there. However, America’s efforts against terrorism seem insignificant. America has raised Pakistan like a naughty child. From it, terrorism itself flourished. There is no dust in the eye of a clever country like America. Talking of dust in its eyes through Pakistan is only an excuse; the truth seems to be something else. Recently Pakistan used the F-16 aircraft to attack Indian military installations, which Paramveer Wing Commander Abhinandan shot down. Pakistan has broken treaty of its use with America. It does not seem that the US will take some tough action against it. It may also be that if the United States opens his heart towards India fully, then China will open its doors to Pakistan. In secretly, it is still supporting Pakistan. China should understand that it could never be good by supporting evil. Nature is very strong, and it bends even the big gamers. The US says that the Indian army should be appointed in Afghanistan. The situation here is that more than 40 soldiers of India were killed by Pakistan, and the United States did not have an air strike on it. If it had done that, then we would have believed that Indian soldiers really under its security, and even in Afghanistan, it would help them stay safe. When Indian soldiers are not safe in their own country, then how can they stay safe in Afghanistan? There the openness of the terrorists is over and above anywhere else. If Pakistan has nuclear bombs, then India also has it. In India, it is stationed at air, water and space, all three places, and now these have been deployed on nuclear submarines also. China is helping Pakistan only for its selfish interests. It is ignoring the interests of the world.

Section 370 and Section 35-A from Kashmir should be removed immediately because these nurture terrorism. The Sindhu Water Treaty should also be canceled. Pakistan also does not accept any agreement. Only by stopping the water of our own part is nothing special. If China inhibits the water of India in return, it will not make any difference because India is a big country. However, Pakistan will be almost thirsty. No mach should be played with Pakistan. The Cricket World Cup should also boycott Pakistan, because there is India’s largest contribution, and the highest earning is from India only. Kashmir should be handed over to the army. Provision of capital punishment for traitors should be there. For them and for the terrorists, special fast track courts should be created so that incident like Kandahar-abduction does not happen again. If Masud Azhar were hanged immediately, then his disciples would not kidnap our plane to rescue him. It is a rule that while treating the wound, healthy areas around it also get some side effects. Army continues the search of every home in Kashmir by wearing high quality helmets and bulletproof jackets. India has done great work for the good of the world by destroying Pakistan’s terrorist camps. Therefore, in return, other countries of the world should provide state-of-the-art weapons and soldiers for free, so that India can continue this action in a best way.

To go deep into patriotism, be sure to read the book (Hindi) available at the link below

Finally, congratulations to Veer Abhinandan.

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demystifyingkundalini by Premyogi vajra- प्रेमयोगी वज्र-कृत कुण्डलिनी-रहस्योद्घाटन

I am as natural as air and water. I take in hand whatever is there to work hard and make a merry. I am fond of Yoga, Tantra, Music and Cinema. मैं हवा और पानी की तरह प्राकृतिक हूं। मैं कड़ी मेहनत करने और रंगरलियाँ मनाने के लिए जो कुछ भी काम देखता हूँ, उसे हाथ में ले लेता हूं। मुझे योग, तंत्र, संगीत और सिनेमा का शौक है।

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