SHAVID versus Taoism- शविद और ताओवाद

SHAVID(shareervigyaan darshan/body science philosophy- SHAVID-Shareeravigyaan darshan/Body science philosophy) may be termed as the theistic Taoism for it also incorporates God inside it, although not in a religious way. This aids up in the quick spiritual growth just as Patanjali has also pointed out that a Proper belief in God reinforcers the yogic practices.

शविद और ताओवाद

शविद (शरीरविज्ञान दर्शन) को ईश्वरवादी ताओवाद भी कहा जा सकता है, क्योंकि इसमें भगवान को भी शामिल किया जाता है, हालांकि धार्मिक तरीके से नहीं। यह त्वरित आध्यात्मिक विकास में सहायता करता है, जैसे कि पतंजलि ने भी बताया है कि भगवान में उचित विश्वास योगाभ्यास-क्रियाओं को मजबूत करता है।

Is vegetarianism must for awakening- क्या आत्मजागरण के लिए शाकाहारी होना जरूरी है

Many people ask me such questions if they should continue or leave the non veg  to get awakened. Actually it’s not the non vegetarianism that is harmful but mental attitude adopted with that. This is tantra if attitude is nondual. You can read  Understanding non duality. Panchmakaras ie. Five Ms of tantra including the non vegetarianism are the most powerful source of mental energy. That energy if directed with the nondual attitude to the kundalini, then awaken her, otherwise bury her further deep. Nondual attitude demands a balance in life and likewise makes a life balanced too if adopted. So then a man with it uses the non veg as per his minimum body needs and not as per his two inches long tongue only.

क्या आत्मजागरण के लिए शाकाहारी होना जरूरी है

बहुत से लोग मुझसे ऐसे प्रश्न पूछते हैं कि क्या उन्हें जागृत होने के लिए नॉनवेज / मांसाहार को जारी रखना चाहिए या छोड़ देना चाहिए। दरअसल यह मांसाहार नहीं है, जो अधिक हानिकारक है, अपितु यह मानसिक द्वैत-दृष्टिकोण है, जो खराब है। यदि इसके साथ रवैया अद्वैतात्मक है, तब यह तंत्र है। आप अद्वैत को समझना चाहते हैं, तो इस पूर्वोक्त लिंक पर पढ़ सकते हैं। पंचमाकर यानी मांसाहार समेत तंत्र के पांच एम मानसिक ऊर्जा के सबसे शक्तिशाली स्रोत हैं। उनसे उद्भूत वह प्रचंड मानसिक ऊर्जा अगर अद्वैतपूर्ण दृष्टिकोण के साथ कुंडलिनी के ऊपर निर्देशित होती है, तो उसे जागृत कर देती है, अन्यथा उसे और अधिक गहराई में दफन कर देती है। अद्वैतपूर्ण रवैया जीवन में संतुलन की मांग करता है, और इसी तरह वह जीवन को भी संतुलित बना देता है, यदि उसे अपनाया जाए। इसलिए उस अद्वैतपूर्ण-दृष्टिकोण के साथ एक आदमी अपने शरीर की न्यूनतम जरूरतों के अनुसार ही आमिषाहार का उपयोग करता है, न कि केवल दो इंच की लंबी अपनी जीभ के अनुसार।

Women is revered in tantra- महिलाओं को तन्त्र में पूजित किया जाता है

There is a misbelief that in the tantra, woman is exploited and used as a toy to work for the spiritual uplifting of a man (Woman in Tantra). Actually in tantra a man becomes fully sage like in every respect. Can a sage even think of exploiting anyone? Taoism also recommends for a sage to be a sexual sage, not a simple sage due to the same reason. Actually, religiously extremist people who misused tantric powers for the inhumane practices, they exploited the woman violently but the blame came to the real tantra.

महिलाओं को तन्त्र में पूजित किया जाता है

एक मिथ्या विश्वास है कि तंत्र में महिला का शोषण किया जाता है, और एक पुरुष के आध्यात्मिक उत्थान (तंत्र में महिला) के लिए उसका एक खिलौने के रूप में उपयोग किया जाता है। असल में तंत्र में एक आदमी पूरी तरह से ऋषि के समान बन जाता है। क्या ऋषि किसी का भी शोषण करने के बारे में कभी सोच भी सकता है? ताओवाद भी ऋषि के लिए एक यौन-क्रियाशील ऋषि बनने की सिफारिश करता है, एक साधारण ऋषि बनने की नहीं। असल में, धार्मिक रूप से चरमपंथी लोग, जिन्होंने अमानवीय प्रथाओं के लिए तांत्रिक शक्तियों का दुरुपयोग किया, उन्होंने ही महिला का हिंसक तरीके से शोषण किया, लेकिन दोष वास्तविक तंत्र के ऊपर आ गया।