Non duality- अद्वैत

Only chanting non duality doesn’t solve any purpose but only wastes one’s time. All time non dual attitude is to be made for which Body science philosophy is best for our own body is nearest to us.

अद्वैत

केवल अद्वैत का जप करना किसी भी उद्देश्य को हल नहीं करता है, बल्कि केवल समय ही बर्बाद करता है। हर समय अद्वैत रवैया बना कर रखना पड़ता है, जिसके लिए शरीरविज्ञान दर्शन हमारे लिए सबसे अच्छा है, क्योंकि हमारा अपना शरीर ही हमारे सर्वाधिक निकट है।